
वेजाइनल ड्राइनेस क्या है और इसे समझना क्यों ज़रूरी है?
वेजाइनल ड्राइनेस महिलाओं में पाई जाने वाली एक आम लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली समस्या है। इस स्थिति में वेजाइना की नैचुरल नमी कम हो जाती है, जिससे सूखापन, जलन और खिंचाव जैसा एहसास होने लगता है। समय पर ध्यान न देने पर यह दर्दनाक यौन संबंध, बार-बार इंफेक्शन और मानसिक तनाव का कारण बन सकती है।
वेजाइनल ड्राइनेस के आम लक्षण
- वेजाइना में लगातार सूखापन महसूस होना
- जलन या चुभन जैसा एहसास
- चलने या बैठने में असहजता
- यौन संबंध के दौरान या बाद में दर्द
- खुजली या हल्की सूजन
अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इन्हें सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
वेजाइनल ड्राइनेस के पीछे मुख्य कारण
डॉ. पूजा थुकराल के अनुसार, वेजाइना में नैचुरल नमी बनाए रखने में एस्ट्रोजन हार्मोन की अहम भूमिका होती है। जब इस हार्मोन का स्तर कम होता है, तो वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या शुरू हो सकती है।
- मेनोपॉज़ के दौरान हार्मोनल बदलाव
- स्तनपान के समय
- ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का सेवन
- कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी
- एंटीडिप्रेसेंट जैसी कुछ दवाइयाँ
वेजाइनल ड्राइनेस से राहत पाने के सुरक्षित उपाय
कुछ आसान और सुरक्षित उपाय अपनाकर वेजाइनल ड्राइनेस से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- वेजाइना के बाहरी हिस्से पर नारियल तेल या प्लांट बेस्ड ऑयल का इस्तेमाल करें
- डॉक्टर की सलाह से एस्ट्रोजन क्रीम का सीमित समय तक उपयोग करें
- ज़रूरत पड़ने पर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी या वेजाइनल लेज़र ट्रीटमेंट पर विचार करें
"वेजाइनल ड्राइनेस को नज़रअंदाज़ न करें। सही जानकारी, समय पर इलाज और सुरक्षित उपायों से इस समस्या से आराम पाया जा सकता है।"
— Dr. Pooja Thukral
वेजाइनल हाइजीन क्यों है ज़रूरी?
वेजाइनल सेहत बनाए रखने के लिए सही हाइजीन बेहद ज़रूरी है। गलत प्रोडक्ट्स या लापरवाही से समस्या और बढ़ सकती है।
- सांस लेने वाला कॉटन अंडरवियर पहनें
- सेंटेड या हार्श प्रोडक्ट्स से बचें
- साफ पानी से ही प्राइवेट पार्ट की सफाई करें
- यौन संबंध के बाद पेशाब करें
- वर्कआउट या पसीना आने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें
निष्कर्ष
वेजाइनल ड्राइनेस एक आम लेकिन मैनेजेबल समस्या है। सही हाइजीन, हेल्दी लाइफस्टाइल और एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह से इससे राहत पाई जा सकती है। बिना झिझक अपनी समस्या को समझें और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।



